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अमिताभ बच्चन की जीवनी आयु, ऊँचाई, मामले, ऊँचाई, वजन, शरीर के माप

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बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन bollywood का शहंशाह ’भारत भर में प्रमुख रूप से मान्यता प्राप्त हस्तियों में से एक के रूप में उभरे है। इस post में हम Amitabh Bachchan biography in hindi के बारे में जाएंगे।

उनका जन्म 11th October, 1942 को भारत के इलाहाबाद में Teji Bachchan और Harivansh Rai Bachchan के यहाँ हुआ था। उन्हें पूरी दुनिया में पहचाना जाता है और सामाजिक सरोकारों को बनाने में सक्रिय रूप से भाग लेते है और जनता के साथ अच्छी तरह से जुड़े हुए है।

सबसे लोकप्रिय टेलीविज़न शो ‘Kaun Banega Crorepati’ में उनकी उपस्थिति ने उनके करियर को एक नया स्थान दिया और उन्हें अधिक प्रसिद्धि अर्जित करने में सहायता की। उन्हें आमतौर पर मिलेनियम का मेगास्टार माना जाता है।

अमिताभ बच्चन पहले एशियाई जीवित व्यक्तित्व हैं जिनकी प्रतिमा लंदन के तुसाद वैक्स म्यूजियम में बनाये गए थे। भारत सरकार ने बच्चन को वर्ष 1984 में पद्म श्री पुरस्कार, वर्ष 2001 में पद्म भूषण पुरस्कार और वर्ष 2015 में पद्म विभूषण पुरस्कारों से सम्मानित किया। बच्चन बॉलीवुड के एक बारहमासी अनुकूल अभिनेता हैं।

उन्होंने “पीकू” और पिंक जैसी फिल्मों में अभिनय किया है। उन्हें फिल्म “पिंक” के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए चुना गया, जो काफी प्रेरक था।

अमिताभ बच्चन की जीवनी
अमिताभ बच्चन की जीवनी आयु, ऊँचाई, मामले, ऊँचाई, वजन, शरीर के माप

अमिताभ बच्चन की जीवनी | Amitabh Bachchan Biography In Hindi

बिग बी के नाम से जाने जाने वाले अमिताभ बॉलीवुड के शहेंशाह भी कहे जाते है| 40 साल बाद भी आज बॉलीवुड में उनके कद के सामने कोई नहीं है और 67 की उम्र में भी आज वे बॉलीवुड के सबसे व्यस्त अभिनेताओं में गिने जाते है|

शुरू में जिस बाहरी आवाज़ के कारण निर्देशकों ने अमिताभ को अपनी फिल्मों से लेने को मना कर दिया था, वही आवाज़ आगे चलकर उनकी विशिष्टता बनी|

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40 साल के पेशे में उन्हें दर्शकों ने अनेको नाम दिए: बिग बी , शहेंशाह, एंग्री यंग मेन आदि| अमिताभ ने न सिर्फ बड़े परदे पर खुद को साबित किया पर छोटे परदे पर भी नए आयाम स्थापित किये|

धारावाहिक ‘कौन बनेगा करोडपति’ से उन्होंने अपनी जिंदगी की नयी पारी की शुरुआत की थी और एक के बाद एक नया उच्चमान हासिल करते गए| एक अभिनेता के आलावा, अभिताभ एक गायक, निर्माता और सांसद की भूमिका भी निभा चुके है|

अमिताभ बच्चन के जीवन परिचय

नाम अमिताभ हरिवंश राय श्रीवास्तव
निक नाम मुन्ना, एंग्री यंग मैन, अमित, बिग बी
लिंग पुरुष
जन्म की तारीख 11 अक्टूबर 1942
उम्र 78 वर्ष (2019 के अनुसार)
पेशा कमाई का जरिया अभिनेता, टीवी होस्ट, पूर्व राजनेता (हिंदी, मराठ, मलयालम, भोजपुरी, अंग्रेजी)
मातृ भाषा हिंदी
चक्र चिन्ह तुला चिन्ह
धर्म इसलाम
राष्ट्र भारतीय
जाति ज्ञात नहीं है
ऊंचाई वजन 6′ 1” / 80 किग्रा
पहली डेब्यू फिल्म सात हिंदुस्तानी (1969)
गंगा (2006, भोजपुरी)
एक क्रांतिवीर: वासुदेव बलवंत फड़के (2007, मराठी)
कंधार (2010, मलयालम)
पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी (1969)
मनी फैक्टर रु. 20 करोड़/फिल्म (2018 के अनुसार)

 

अमिताभ बच्चन के करियर

अमिताभ ने अपनी फ़िल्मी करियर की शुरुआत सं 1969 में ‘सात हिन्दुस्तानी’ से की।  कहा जाता है कि उन्हें इस फिल्म में काम अपने दोस्त राजीव गाँधी की बदौलत मिला जिन्होंने अमिताभ को इंदिरा गाँधी का सिफारशी ख़त दिलवाया(सूत्र:आईऍमडीबी).

इससे पहले उन्हें अपनी भारी आवाज़ और सांवले रंग की वजह से नजर अंदाज़ कर दिया गया था। उनकी भारी आवाज़ कथा विवरण के लिय इस्तेमाल होती थी और वे रेडियो पर भी आते थे।  हालांकि फिल्म कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पायी पर अमिताभ को राष्ट्रीय पुरस्कार (नवांगतुक अभिनेता) से सम्मानित किया गया। 

1971 में उन्होंने उस वक़्त के सितारे राजेश खन्ना के साथ ‘आनंद’ में जोड़ी बनायीं| हालांकि फिल्म में राजेश खन्ना के होने कि वजह से अमिताभ का किरदार दबा हुआ रहा पर उन्हें फिल्मफेयर सह कलाकार का पुरस्कार जरुर मिला। उन्होंने आगे ‘परवाना’, ‘रेशमा और शेरा’ और ‘बॉम्बे टू गोवा’ जैसी फिल्में कि जो औसतन रही। 

17 फिल्में करने के बाद भी अमिताभ एक बड़ी सफलता के इंतज़ार में थे जब 1973 में प्रकाश महरा ने उन्हें ‘जंजीर’ में न्योता दिया।  अमिताभ को यह किरदार प्राण के कहने पर मिला और उन्होंने इस अवसर को दोनों हाथ से उठा लिया। 

न सिर्फ ये उनके पेशे कि पहली बड़ी सफल फिल्म थी, इस फिल्म से उन्हें ‘एंग्री यंग मेन’ का ख़िताब भी मिला।  उसी साल उनकी जया भादुरी से शादी हुई और एक महीने बाद उनकी अगली फिल्म ‘अभिमान’ दर्शकों के सामने आई।  उनकी अगली फिल्म दोस्ती पर हृषिकेश की ‘नमक हराम’ आई। 

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1975 में उन्होंने कई तरह की फिल्मों में काम किया जिनमे ‘चुपके चुपके’ बेहद लोकप्रिय रही।  1975 में उन्होंने यश चोपरा की फिल्म ‘दीवार’ में काम किया और ये अब तक की उनकी सबसे सफल फिल्म रही।  इस फिल्म के संवाद, जैसे “मेरा बाप चोर है”, “मेरे पास माँ है”, आज भी दर्शकों के जहन में बैठे है। 

उनकी अगली फिल्म आई “शोले” जिसने बॉलीवुड के सारे उच्चमान तोड़ दिए और अमिताभ को बॉलीवुड के शीर्ष अभिनेताओं में ला खड़ा किया| बच्चन ने फिल्म जगत के कुछ शीर्ष के कलाकारों जैसे धर्मेन्‍द्र, हेमा मालिनी, संजीव कुमार, जया बच्चन और अमजद खान के साथ जयदेव की भूमिका अदा की थी।

1999 में बीबीसी ने ‘शोले’ को इस शताब्दी की सबसे बेहतरीन फिल्म बताया और दीवार की तरह इसे इंडियाटाइम्‍ज़ मूवियों में बालीवुड की शीर्ष 25 फिल्‍मों में शामिल किया। उसी साल 50 वें वार्षिक फिल्म फेयर पुरस्कार के निर्णायकों ने एक विशेष पुरस्कार दिया जिसका नाम 50 सालों की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म फिल्मफेयर पुरूस्कार था।

बॉक्स ऑफिस पर शोले जैसी फिल्मों की जबरदस्त सफलता के बाद बच्चन ने अब तक अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया था और 1976 से 1984 तक उन्हें अनेक सर्वश्रेष्ठ कलाकार वाले फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार और अन्य पुरस्कार एवं ख्याति मिली।

उनका सुनहरा दौर आगे बढा और उन्होंने ‘कभी कभी’ और ‘अमर अकबर एंथनी’ जैसे सफल फिल्में दी| ‘अमर अकबर एंथनी’ के लिय उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी मिला| 1978 में उन्होंने उस साल की 4 सबसे बड़ी फिल्मों में काम किया – ‘कसमे वादे’, ‘डॉन’, ‘त्रिशूल’ और ‘ मुक़द्दर का सिकंदर’ .

डॉन में उन्होंने एक कुख्यात सरगना का किरदार निभाया और उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार मिला| फिल्म ‘त्रिशूल’ और ‘मुक़द्दर का सिकंदर’ से उन्होंने माँ-बेटे के प्रेम पर बनने वाली थीम को आगे बढाया जो दर्शकों को बेहद पसंद आई और इन फिल्मों के संवादों ने इतिहास में अपनी जगह बना ली।  उनकी अगली फिल्में, ‘नटवरलाल’, ‘काला पत्थर’, ‘दोस्ताना’, ‘सिलसिला’ उनकी सफल फिल्मों की सूची को बड़ा करती गयी। 

अमिताभ बच्चन के हाइट, वजन और शारीरिक माप

सेंटीमीटर में ऊँचाई 185 Cm
मीटर में ऊँचाई 1.85 M
फीट इंच में ऊंचाई 6′ 1”
वजन 80kg
शरीर का मापन 40-34-12
स्तन का आकार 40 इंच
कमर का साइज़ 34 इंच
कमर का माप 12 इंच
आंख का रंग भूरा
बालों का रंग काला

1982 – कुली चोट

1982 में कुली फिल्म में बच्चन ने अपने सह कलाकार पुनीत इस्सर के साथ एक लड़ाई की शूटिंग के दौरान अपनी आंतों को लगभग घायल कर लिया था। बच्चन ने इस फिल्म में स्टंट अपनी मर्जी से करने की छूट ले ली थी जिसके एक सीन में इन्हें मेज पर गिरना था और उसके बाद जमीन पर गिरना था।

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हालांकि जैसे ही ये मेज की ओर कूदे तब मेज का कोना इनके पेट से टकराया जिससे इनके आंतों को चोट पहुंची और इनके शरीर से काफी खून बह निकला था।

इन्हें जहाज से फोरन स्पलेनक्टोमी के उपचार हेतु अस्पताल ले जाया गया और वहां ये कई महीनों तक अस्पताल में भर्ती रहे और कई बार मौत के मुंह में जाते जाते बचे। यह अफ़वाह भी फैल गई थी, कि वे एक दुर्घटना में मर गए हैं और संपूर्ण देश में इनके चाहने वालों की भारी भीड इनकी रक्षा के लिए दुआएं करने में जुट गयी थी। 

इस दुर्घटना की खबर दूर दूर तक फैल गई और यूके के अखबारों की सुर्खियों में छपने लगी जिसके बारे में कभी किसने सुना भी नहीं होगा। बहुत से भारतीयों ने मंदिरों में पूजा अर्चनाएं की और इन्हें बचाने के लिए अपने अंग अर्पण किए और बाद में जहां इनका उपचार किया जा रहा था उस अस्पताल के बाहर इनके चाहने वालों की मीलों लंबी कतारें दिखाई देती थी। 

इन्होने ठीक होने में कई महीने ले लिए और उस साल के अंत में एक लंबे अरसे के बाद पुन: काम करना आरंभ किया। यह फिल्म 1983 में रिलीज हुई और आंशिक तौर पर बच्चन की दुर्घटना के असीम प्रचार के कारण बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।

निर्देशक मनमोहन देसाई ने कुली फिल्म में बच्चन की दुर्घटना के बाद फ़िल्म के कहानी का अंत बदल दिया था। इस फिल्म में बच्चन के चरित्र को वास्तव में मृत्यु प्राप्त होनी थी लेकिन बाद में कहानी में परिवर्तन करने के बाद उसे अंत में जीवित दिखाया गया।

देसाई ने इनके बारे में कहा था कि ऐसे आदमी के लिए यह कहना बिल्‍कुल अनुपयुक्त होगा कि जो असली जीवन में मौत से लड़कर जीता हो उसे परदे पर मौत अपना ग्रास बना ले।

इस रिलीज फिल्म में पहले सीन के अंत को जटिल मोड़ पर रोक दिया गया था और उसके नीचे एक केप्‍शन प्रकट होने लगा जिसमें अभिनेता के घायल होने की बात लिखी गई थी और इसमें दुर्घटना के प्रचार को सुनिश्चित किया गया था। बाद में ये मियासथीनिया ग्रेविस में उलझ गए जो या कुली में दुर्घटना के चलते या तो भारीमात्रा में दवाई लेने

अमिताभ बच्चन के परिवार और रिश्तेदार

पिता का नाम हरिवंश राय बच्चन (हिंदी कवि)
मां का नाम तेजी बच्चन, श्यामा (सौतेली माँ)
भाई बंधु अजिताभ बच्चन (छोटे, व्यवसायी)
बहन का नाम कोई नहीं
वैवाहिक स्थिति विवाहित (3 जून 1973)
बीवी का नाम जया बच्चन (अभिनेता, राजनीतिज्ञ)
बेटियों का नाम श्वेता बच्चन नंदा
बेटा का नाम अभिषेक बच्चन (अभिनेता)
बहू का नाम ऐश्वर्या राय (अभिनेत्री)
पोती का नाम कोई नहीं
बॉय फ्रेंड्स / अफेयर्स प्रवीण बाबी, रेखा (भारतीय अभिनेत्री)

सेवानिवृत्ति

1988 में बच्चन फिल्मों में तीन साल की छोटी सी राजनैतिक अवधि के बाद वापस लौट आए और शहंशाह में शीर्षक भूमिका की जो बच्चन की वापसी के चलते बॉक्स आफिस पर सफल रही। इस वापसी वाली फिल्म के बाद इनकी स्टार पावर क्षीण होती चली गई क्योंकि इनकी आने वाली सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल होती रहीं।

1991 की सफल फिल्म हम से ऐसा लगा कि यह वर्तमान प्रवृति को बदल देगी किंतु इनकी बॉक्स आफिस पर लगातार असफलता के चलते सफलता का यह क्रम कुछ पल का ही था।

उल्लेखनीय है कि सफलता की कमी के बावजूद यह वह समय था जब अमिताभ बच्चन ने 1991 की फिल्‍म अग्निपथ में माफिया सरगना की यादगार भूमिका के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार, जीते। ऐसा लगता था कि अब ये वर्ष इनके अंतिम वर्ष होंगे क्योंकि अब इन्हें केवल कुछ समय के लिए ही परदे पर देखा जा सकेगा। 1992 में खुदागवाह के रिलीज होने के बाद बच्चन ने अगले पांच वर्षों के लिए फिल्मों से तौबा कर ली|

अमिताभ बच्चन की जीवन परिचय
अमिताभ बच्चन की जीवन परिचय

निर्माता अमिताभ और अभिनय में वापसी

अस्थायी सेवानिवृत्ति की अवधि के दौरान बच्चन निर्माता बने और अमिताभ बच्चन कारपोरेशन लिमिटेड की स्थापना की। अमिताभ ने 1996 में वर्ष 2000 तक 10 बिलियन रूपए (लगभग २५० मिलियन अमरीकी डॉलर) वाली मनोरंजन की एक प्रमुख कंपनी बनने का सपना देखा।

एबीसीएल की रणनीति में भारत के मनोरंजन उद्योग के सभी वर्गों के लिए उत्पाद एवं सेवाएं प्रचलित करना था। इसके ऑपरेशन में मुख्य धारा की व्यावसायिक फ़िल्म उत्पादन और वितरण, ऑडियो और वीडियो कैसेट डिस्क , उत्पादन और विपणन के टेलीविजन सॉफ्टवेयर , हस्ती और इवेन्ट प्रबंधन शामिल था।

1996 में कंपनी के आरंभ होने के तुरंत बाद कंपनी द्वारा उत्पादित पहली फिल्म तेरे मेरे सपने थी जो बॉक्स ऑफिस पर विफल रही | एबीसीएल ने कुछ फिल्में बनाई लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म कमाल नहीं दिखा सकी।

1997 में, एबीसीएल द्वारा निर्मित मृत्युदाता, फिल्म से बच्चन ने अपने अभिनय में वापसी का प्रयास किया। यद्यपि मृत्युदाता ने बच्चन की पूर्व एक्शन हीरो वाली छवि को वापस लाने की कोशिश की लेकिन फिल्म औंधे मूह गिरी और एबीसीएल को भरी नुक्सान हुआ। 

एबीसीएल 1997 में बंगलौर में आयोजित 1996 की मिस वर्ल्ड सौंदर्य प्रतियोगिता का प्रमुख प्रायोजक था और इसके खराब प्रबंधन के कारण इसे करोड़ों रूपए का नुकसान उठाना पड़ा था। इस घटनाक्रम और एबीसीएल के चारों ओर कानूनी लड़ाइयों।

और इस कार्यक्रम के विभिन्न गठबंधनों के परिणामस्वरूप यह तथ्य प्रकट हुआ कि एबीसीएल ने अपने अधिकांश उच्च स्तरीय प्रबंधकों को जरूरत से ज्यादा भुगतान किया है जिसके कारण वर्ष 1997 में वह वित्तीय और क्रियाशील दोनों तरीके से ध्वस्त हो गई। 

कंपनी प्रशासन के हाथों में चली गई और बाद में इसे भारतीय उद्योग मंडल द्वारा असफल करार दे दिया गया। अप्रेल 1999 में मुबंई उच्च न्यायालय ने बच्चन को अपने मुंबई वाले बंग्ला प्रतीक्षा और दो फ्लेटों को बेचने पर तब तक रोक लगा दी जब तक कैनरा बैंक की राशि के लौटाए जाने वाले मुकदमे का फैसला न हो जाए।

बच्चन ने हालांकि दलील दी कि उन्होंने अपना बंग्ला सहारा इंडिया फाइनेंस के पास अपनी कंपनी के लिए कोष बढाने के लिए गिरवी रख दिया है।

बाद में बच्चन ने अपने अभिनय के कैरियर को संवारने का प्रयास किया जिसमें उसे बड़े मियाँ छोटे मियाँ से औसत सफलता मिली और सूर्यावंशम, से सकारात्मक समीक्षा प्राप्त हुई लेकिन ये मान लिया गया कि बच्चन की महिमा के दिन अब समाप्त हुए चूंकि उनके बाकी सभी फिल्में जैसे ‘लाल बादशाह’ और ‘हिंदुस्तान की कसम’ बॉक्स ऑफिस पर विफल रही हैं।

दूरदर्शन

वर्ष 2000 में , बच्चन ने अंग्रेजी धारावाहिक, कौन बनेगा करोड़पति ? को भारत में अनुकूलन हेतु कदम बढाया। शीर्ष‍क कौन बनेगा करोड़पति जैसा कि इसने अधिकांशत: अन्य देशों में अपना कार्य किया था जहां इसे अपनाया गया था वहां इस कार्यक्रम को तत्काल और गहरी सफलता मिली जिसमें बच्चन के करिश्मे भी छोटे रूप में योगदान देते थे।

यह माना जाता है कि बच्चन ने इस कार्यक्रम के संचालन के लिए साप्ताहिक प्रकरण के लिए अत्यधिक 25 लाख रुपए लिए थे, जिसके कारण बच्चन और उनके परिवार को नैतिक और आर्थिक दोनों रूप से बल मिला। इससे पहले एबीसीएल के बुरी तरह असफल हो जाने से अमिताभ को गहरे झटके लगे थे।

नवंबर 2000 में केनरा बैंक ने भी इनके खिलाफ अपने मुकदमे को वापस ले लिया। बच्चन ने केबीसी का आयोजन नवंबर 2005 तक किया और इसकी सफलता ने फिल्म की लोकप्रियता के प्रति इनके द्वार फिर से खोल दिए।

अमिताभ बच्चन के पसंदीदा चीज़े

पसंदीदा रंग सफेद
पसंदीदा अभिनेता दिलीप कुमार
पसंदीदा अभिनेत्री वहीदा रहमान
पसंदीदा भोजन गुलाब जामुन, जलीबे, खीर, भिंडी सब्जी
पसंदीदा शौक पढ़ना, ब्लॉगिंग, गायन
पसंदीदा निर्देशक ज्ञात नहीं है
पसंदीदा फिल्में बॉलीवुड- कागज के फूल, गंगा जमुना, प्यास
हॉलीवुड- गॉन विद द विंड, गॉडफादर, ब्लैक, स्कारफेस
पसंदीदा बुक लव निकोलायेविच टॉल्स्टॉय
पसंदीदा रेस्तरां ज्ञात नहीं
पसंदीदा खेल क्रिकेट
पसंदीदा कार लंदन, स्विट्ज़रलैंड, सेंट पीटर्सब्रुग

अमिताभ बच्चन के एजुकेशन स्कूल और कॉलेज

शैक्षणिक योग्यता विज्ञान स्नातक
स्कूल ज्ञान प्रमोदिनी, बॉयज हाई स्कूल, इलाहाबाद, यूपी
विश्वविद्यालय किरोड़ीमल कॉलेज, शेरवुड कॉलेज, नई दिल्ली
अन्य ज्ञात नहीं है

शहेंशाह की वापसी

अमिताभ ने यश चोपरा की फिल्म ‘मोहब्बतें’ के साथ धमाकेदार वापसी की| इस फिल्म में वे बॉलीवुड के बादशाह शाह रुख खान के साथ नजर आये| फिल्म दर्शकों को बेहद पसंद आई और उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता का पुरस्कार मिला। 

‘मोहब्बतें की सफलता को देखते हुए अमिताभ अपने उम्र के किरदार निभाने लगे जिससे वे फिर से दर्शकों के चहेते बनने लगे। इन्ही किरदारों में उनकी फिल्में ‘कभी खुशी कभी गम’ और ‘बागबान’ दर्शकों को बेहद पसंद आई। 

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘ब्लैक’ में उन्हें एक अलग ही तरह का किरदार करने का मौका मिला जो उन्होंने आज तक पहले नहीं किया था। फिल्म कहानी थी एक बूढ़े अध्यापक और उसके अंधी-बहरी शिष्या रानी मुख़र्जी की।

इस फिल्म के लिय उन्हें न सिर्फ फिल्मफेयर पुरस्कार मिला, उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया| अपनी फिल्मों की सफलता को देखते हुए, अमिताभ ने ढेरो विज्ञापनों में आना शुरू किया। 

2006 में वे बेटे अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय के साथ गाना ‘कजरा रे'(फिल्म: बंटी और बबली) में दिखाई दिए जो बेहद लोकप्रिय हुआ। 

बच्चन की सफल फिल्मों का दौर जारी रहा और उन्होंने ‘सरकार’, ‘कभी अलविदा ना कहना’ और ‘सरकार राज” जैसी सफल फिल्में दी। 2009 में उन्होंने एक और चुनातिपूर्ण किरदार निभाया फिल्म ‘पा’ में।

इस फिल्म में उन्होंने प्रोजेरिया से पीड़ित 13 साल के बच्चे का किरदार निभाया। फिल्म में वे अभिषेक बच्चन के बेटे बने और उन्हें फिम्फेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया|

अमिताभ बच्चन की जीवनी
अमिताभ बच्चन की जीवन परिचय

निजी जिंदगी

अमिताभ बच्चन प्रसिद्ध कवी हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के बेटे है। उनका एक भाई अजिताभ बच्चन है। उनका जन्म इलाहाबाद,उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने शेरवूड कॉलेज, नैनीताल और किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली विश्वविध्यालय से पढाई पूरी की और कलकत्ता की ‘शो एंड वाल्लेस’ में काम किया। 

आगे चलकर वे बम्बई आ गए फिल्मों में किस्मत आजमाने पर अपनी भारी आवाज़ के चलते निर्देशकों ने उन्हें अपनी फिल्मों में लेने से इनकार कर दिया। हालांकि उनकी भारी आवाज़ को पृष्ठभूमि में इस्तेमाल किया गया और उन्होंने रेडियो में भी काम किया|

अमिताभ बच्चन के निवास और संपर्क पता

जन्म स्थान इलाहाबाद, संयुक्त प्रांत, ब्रिटिश भारत
गृहनगर इलाहाबाद, संयुक्त प्रांत, ब्रिटिश भारत
वर्तमान निवास जुहू, मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
घर का पता जलसा, बी/2, कपोल हाउसिंग सोसाइटी, वीएल मेहता रोड, जुहू, मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
Phone No / Mobile No ज्ञात नहीं है
Email ID ज्ञात नहीं है
Website ज्ञात नहीं है

अमिताभ बच्चन की सोशल मीडिया

Twitter @SrBachchan
Facebook @amitabhbachchan/
Instagram @amitabhbachchan/
Wikipedia @Amitabh_Bachchan

अमिताभ बच्चन की जीवनी

अमिताभ बच्चन की जीवनी के बारे में तथ्य

  • भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन कलाकार|
  • अमिताभ और राजीव गाँधी गहरे दोस्त थे और इंदिरा गाँधी की मदद से उन्हें उनकी पहली फिल्म मिली|
  • राजीव गाँधी के कहने पर अमिताभ राजनीति में कूदे और इलाहाबाद से सांसद बने|
  • फिल्म ‘कुली’ में काम करते वक़्त उन्हें आँतों में गहरी चोट लगी और वे मौत के मूंह में जाते जाते बाल बाल बचे| उन्हें लिय हजारो करोडो दर्शकों ने मन्नतें मांगी|
  • रेखा और अमिताभ की जोड़ी दर्शकों को बेहद पसंद आई|
  • उन्होंने कई सारी फिल्मों में गानें भी गाए है|
  • उनका फिल्मों में मनपसंद नाम विजय रहा और 20 से ज्यादा फिल्मों में ये नाम इस्तेमाल किया|
  • अभिनेत्री ‘निरूपा रॉय’ ने अधिकतम फिल्मों में उनकी माँ का किरदार निभाया|
  • 58 साल की उम्र में उन्होंने 30 फीट की ईमारत से छलांग लगायी|
  • 1996 में उन्होंने संगीत एल्बम ‘एबी बेबी’ रिलीज़ किया|
  • 1984 में उन्हें पदमा श्री से नवाजा गया|
  • वे ही एक अभिनेता है जिन्होंने लगातार 15 साल तक हर साल कम से कम एक सफल फिल्म दी|

पुरस्कार

1969 राष्ट्रीय पुरस्कार: सात हिन्दुस्तानी 
1971 फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ  सह-कलाकार पुरस्कार: आनंद
1973 फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ  सह-कलाकार पुरस्कार: नमक हराम
1975 फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ  कलाकार पुरस्कार:दीवार
1977 फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ  कलाकार पुरस्कार: अमर अकबर अन्थोनी
1978 फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ  कलाकार पुरस्कार: डोन
1990 राष्ट्रीय पुरस्कार: अग्निपथ
1991 फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ  कलाकार पुरस्कार:हम
2000 फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ  सह कलाकार पुरस्कार:मोहब्बतें
2001 फिल्मफेयर समीक्षक पुरस्कार: अक्स
2005 फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ कलाकार पुरस्कार:ब्लैक
फिल्मफेयर समीक्षक पुरस्कार:ब्लैक
राष्ट्रीय पुरस्कार: ब्लैक
2009 फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार, राष्ट्रीय पुरस्कार: पा

अमिताभ बच्चन की जीवनी

अमिताभ बच्चन की सारी फिल्में

# तीन पत्ती (2010)  
# रण (2010) # पा (2009)
# अलादीन  (2009) # सरकार राज (2008)
# द लास्ट लियर  (2008) # भूतनाथ  (2008)
# गॉड तुस्सी ग्रेट हो  (2008) # राम गोपाल वर्मा की आग  (2007)
# झूम बराबर झूम  (2007) # चीनी कम  (2007)
# शूटाउट अट लोखंडवाला  (2007) # ज़मानत  (2007)
# निशब्द  (2007) # एकलव्या: थे रॉयल गार्ड  (2007)
# बाबुल  (2006) # कभी अलविदा ना कहना  (2006)
# डरना ज़रूरी है  (2006) # एक अजनबी  (2005)
# दिल जो भी कहे…  (2005) # विरुद्ध… फॅमिली कम्ज़ फर्स्ट  (2005)
  # सरकार  (2005)
# पहेली  (2005) # रामजी लन्दन वाले  (2005)
# बंटी और बबली  (2005) # वक़्त: थे रेस अगेन्स्ट टाइम  (2005)
# ब्लॅक  (2005) # खाकी  (2004)
# एतबार  (2004) # रुद्राक्ष  (2004)
# इंसाफ़: द जस्टीस  (2004) # दीवार  (2004)
# देव  (2004) # लक्ष्य (2004)
# क्यूँ…! हो गया ना  (2004) # हम कौन है?  (2004)
# वीर-ज़ारा  (2004) # अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो  (2004)
  # बागबान  (2003)
# बूम  (2003) # मुंबई से आया मेरा दोस्त  (2003)
# अरमान  (2003) # खुशी  (2003)
# काँटे  (2002) # हम किसीसे कम नही  (2002)
# अग्निवर्षा  (2002) # आँखें  (2002)
# कभी खुशी कभी गम  (2001) # अक्स  (2001)
# एक रिश्ता: द बॉन्ड ऑफ लव  (2001) # मोहब्बतें  (2000)
# कोहराम  (1999) # हिन्दुस्तान की कसम  (1999)
# हेलो ब्रदर  (1999) # सूर्यवंशम  (1999)
# लाल बादशाह  (1999) # बड़े मियाँ छोटे मियाँ  (1998)
# मेजर साब  (1998) # मृत्युदाता  (1997)
# तेरे मेरे सपने  (1996) # इंसानियत  (1994)
# खुदा गवाह  (1992) # इंद्रजीत  (1991)
# हम  (1991) # अकेला  (1991)
# अजूबा  (1991) # क्रोध  (1990)
# अग्निपथ  (1990) # आज का अर्जुन  (1990)
# तूफान  (1989) # मैं आज़ाद हू  (1989)
# जादूगर  (1989) # सूरमा भोपाली  (1988)
# शहंशाह  (1988) # कौन जीता कौन हारा  (1988)
# गंगा जमुना सरस्वती  (1988) # हीरो हीरालाल  (1988)
# जलवा  (1987) # एक रुका हुआ फ़ैसला  (1986)
# आखरी रास्ता  (1986) # नया बकरा  (1985)
# मर्द  (1985) # गिरफ्तार  (1985)
# शराबी  (1984) # इन्कलाब (1984)
# नास्तिक  (1983) # पुकार  (1983)
# महान  (1983) # कुली  (1983)
# अँधा क़ानून  (1983) # शक्ति  (1982)
# सट्टे पे सत्ता  (1982) # नमक हलाल  (1982)
# खुद-दार  (1982) # देश प्रेमी  (1982)
# बेमिसाल  (1982) # याराना  (1981)
# सिलसिला  (1981) # नसीब  (1981)
# लावारिस  (1981) # विलायती बाबू  (1981)
# कालिया  (1981) # बरसात की एक रात  (1981)
# कमॅंडर  (1981) # चश्मे बुड्दूर  (1981)
# शान  (1980) # राम बलराम  (1980)
# दोस्ताना  (1980) # दो और दो पाँच  (1980)
# सिनिमा सिनिमा  (1979) # सुहाग  (1979)
# मिस्टर. नटवरलाल  (1979) # मंज़िल  (1979)
# काला पत्थर  (1979) # जुर्माना  (1979)
# थे ग्रेट गॅंब्लर  (1979) # गोलमाल  (1979)
# मुक़द्दर का सिकंदर  (1978) # त्रिशूल (1978)
# कसमे वादे  (1978) # गंगा की सौगंध  (1978)
# डॉन (1978) # बेशरम  (1978)
# शतरंज के खिलाड़ी  (1977) # परवरिश  (1977)
# खून पसीना  (1977) # ईमान धरम  (1977)
# अमर अकबर आंतनी  (1977) # अलाप  (1977)
# चरणदास  (1977) # आदलत  (1976)
# हेरा फेरी  (1976) # कभी कभी  (1976)
# दो अंजाने  (1976) # शोले   (1975)
# मिली  (1975) # ज़मीर  (1975)
# फरार  (1975) # दीवार  (1975)
# चुपके चुपके  (1975) # कुँवारा बाप  (1974)
# रोटी कपड़ा और मकान  (1974) # मजबूर  (1974)
# कसौटी  (1974) # दोस्त  (1974)
# बेनाम  (1974) # बड़ा कबूतर  (1973)
# जंजीर  (1973) # नमक हराम  (1973)
# गहरी चाल  (1973) # बँधे हाथ  (1973)
# अभिमान  (1973) # सौदागर  (1973)
# रास्ते का पत्थर  (1972) # बावरची  (1972)
# ज़बान  (1972) # एक नज़र  (1972)
# बॉमबे तो गोआ  (1972) # पिया का घर  (1971)
# रेशमा और शेरा  (1971)  
# बंसी बिरजू  (1972) # संजोग  (1971)
# परवाना  (1971) # प्यार की कहानी  (1971)
# गुड्डी  (1971) # आनंद  (1970)
# भुवन शॉमे  (1969) # सात हिन्दुस्तानी  (1969)
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